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रेहड़ी पटरी वालों के हक में जगह-जगह कॉंग्रेस का धरना


ट्रिब्यून न्यूज सर्विसनयी दिल्ली, 13 अक्तूबर

अगले साल होने वाले दिल्ली के तीनों नगर निगमों के चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने दिल्ली में अपने खोये जनाधार को वापस अपने खेमे में लाने की कवायद तेज कर दी है। सूबे के सफाई कर्मचारियों को वेतन दिलाने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी तक को सड़क पर उतार चुकी कांग्रेस ने अब राजधानी के पांच लाख रेहड़ी-पटरी वालों के हक की आवाज बुलंद करने का बीड़ा उठाया है। इन गरीब लोगों की खातिर केन्द्र की कांग्रेस की अगुवाई वाली पिछली सरकार द्वारा पारित कानून को दिल्ली में लागू कराने को लेकर पार्टी ने बृहस्पतिवार को राजधानी के विभिन्न जिलों के निगम मुख्यालयों पर धरना दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सूबे की अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा इस कानून को नहीं लागू किये जाने से रेहड़ी-पटरी वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 

धरने की अगुवाई कर रहे दिल्ली के कांग्रेसी मुखिया अजय माकन ने कहा कि सूबे की अरविंद केजरीवाल सरकार, दिल्ली पुलिस तथा भाजपा शासित दिल्ली की तीनों नगर निगमों व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् की नाकामियों के कारण शहर के तकरीबन 5 लाख रेहड़ी पटरी वालों को आये दिन तंग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन रेहड़ी पटरी वाले गरीब लोगों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।

धरनों में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पूर्व सांसद सज्जन कुमार, रमेश कुमार व महाबल मिश्रा, मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, रेहड़ी पटरी कांग्रेस चेयरमैन अनुराग शंकर, चतर सिंह, ब्रहम यादव, पूर्व विधायक हरीशंकर गुप्ता, राम सिंह नेताजी, ओम प्रकाश बिधूड़ी, महमूद जिया, जगजीवन शर्मा, सतबीर सिंह, दिनेश्वर त्यागी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

18 माह बाद भी नहीं किया लागू

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में हजारों रेहड़ी पटरीवालों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली नगर निगम के सभी 12 जोनल कार्यालयों व नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद मुख्यालय पर धरना दिया। इस मौके पर माकन ने कहा कि केन्द्र में शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री रहते हुए रेहड़ी पटरी से सम्बन्धित विशेषज्ञों व रेहड़ी पटरी संगठनों से बातचीत करके रेहड़ी पटरी जीविका संरक्षण बिल 2013 तैयार किया जिसको 2014 में संसद से पास करवा दिया गया। इसे छह महीने के भीतर दिल्ली में लागू किया जाना था। लेकिन केजरीवाल सरकार सत्ता में आने के 18 महीने बाद भी इस कानून को दिल्ली में नहीं लागू कर पायी है।

सरकार का बयान राजनीति से प्रेरित

अजय माकन ने कहा कि दिल्ली सरकार अब अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागी है और कह रही है कि दिवाली तक किसी भी रेहड़ी पटरी वाले को न हटाया जाये। यह पूर्णतः राजनीति से प्रेरित है। माकन ने केजरीवाल से यह प्रश्न करते हुए कहा कि जब रेहड़ी पटरी जीविका संरक्षण कानून 2014 में यह साफ प्रावधान है कि जब तक टाउन वेडिंग नहीं बन जाती और सर्वे नहीं हो जाता तब तक किसी भी रेहड़ी पटरीवाले को उसकी जगह से नही हटाया जाये तो फिर उनके आदेश में नया क्या है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों को दिवाली के बाद भी नहीं हटाया जा सकता क्योंकि कानून में उनके संरक्षण का प्रावधान है।

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