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दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद में रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़ने की होड़ लगी- अजय माकन


दिल्ली रेहड़ी पटरी कांग्रेस वीरवार, 13 अक्टूबर, 2016 को दिल्ली नगर निगम के 12 जोनां तथा नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के मुख्यालय पर रेहड़ी पटरीवालों पर हो रही जादतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी- अजय माकन

दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद में रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़ने की होड़ लगी- अजय माकन
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2016: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय माकन ने कहा कि इस त्यौहारों के दिनों में लोगों के घरों में दिवाली व दशहरा मनाने के लिए रोशनी हो रही है। ऐसे समय में सर्दी गर्मी, बरसात और चमचमाती धूप में इज्जत के साथ रोटी कमाने वाले मेहनत कश रेहड़ी पटरीवालों के घरों में अंधेरा होगा, क्योंकि दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, नगर निगम व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद इन गरीब रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़ रही है और पिछले तीन दिनों में समस्त दिल्ली के तकरीबन 10 हजार रेहड़ी पटरीवालां को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उजाड़ा गया। प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय माकन के अलावा दिल्ली रेहडी पटरी कांग्रेस के चैयरमेन अनुराग शंकर, अमन पंवार व चतर सिंह, अब्दुल अजीज, श्रीमती किरण व श्रीराम मौजूद थे ।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय माकन ने कहा कि जब मैं 2013 में शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री था उस समय हमने रेहड़ी पटरी जीविका संरक्षण बिल बनाया था जिसको कि 2014 में कानूनी रुप दिया था। श्री माकन ने कहा कि हमने 2014 के रेहड़ी पटरी जीविका संरक्षण कानून में यह साफ तौर पर प्रावधान दिया है कि रेहड़ी पटरीवालों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया नही जायेगा। क्योंकि सबसे पहले टाउन वेडिंग कमेटियों का निर्माण होगा तथा उसके बाद सर्वे किया जायेगा।
श्री माकन ने कहा कि 9 सितम्बर 2016 को दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश की खंडपीठ ने मेरी जनहित याचिका पर यह आदेश दिया था कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी भी रेहड़ी पटरीवाले को हटाया नही जायेगा। माननीय मुख्य न्यायधीश की खंडपीठ ने 5.10.2016 को 9.9.2016 के आदेश में बदलाव करके यह कहा था कि कोई भी रेहड़ी पटरीवाला, 2014 के रेहड़ी पटरी जीविका संरक्षण कानून से पहले की स्कीम जिसमें नॉन स्कवेटिंग जोन को चिन्हित किया गया था। उन क्षेत्रों में 9.9.2016 का आदेश लागू नही होगा। श्री माकन ने कहा कि 5.10.2016 के आदेश के बाद तो दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद में होड़ लग गई कि कौन ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़ता है।
श्री माकन ने कहा कि 2014 के रेहड़ी पटरी सरंक्षण कानून से पहले दिल्ली के तीनों नगर निगमों में कोई ऐसी स्कीम नही थी जिसमें नॉन स्कवेटिंग जोन बनाये गए हों। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने एम्बेसी एरिया, मेट्रो स्टेशन तथा वी.आई.पी. एरिया को नॉन स्कवेटिंग जोन घोषित किया हुआ है। उसके अलावा इस क्षेत्र में आने वाली अन्य जगहों को नॉन स्कवेटिंग जोन घोषित नही किया है।
श्री माकन ने कहा कि दिल्ली रेहड़ी पटरी कांग्रेस वीरवार, 13 अक्टूबर, 2016 को दिल्ली नगर निगम के 12 जोनां तथा नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी।
श्री माकन ने कहा कि आज रेहड़ी पटरीवाले गरीब लोग सिर्फ आप पार्टी की दिल्ली सरकार की वजह से प्रताड़ना झेल रही है। क्योंकि दिल्ली सरकार ने कांग्रेस की अगुवाई वाली केन्द्र में यूपीए सरकार द्वारा बनाऐ गए 2014 के रेहड़ी पटरी सरंक्षण कानून को अभी तक पूरी तरह से लागू नही किया है। श्री माकन ने कहा कि यदि रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़ा जा रहा है तो किस बात का सर्वे होगा। अर्थात सर्वे का महत्व ही खत्म हो जायेगा। उन्होंने कहा कि 19.10.2016 को दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ रेहड़ी पटरीवालों की परेशानियों को संज्ञान में लेकर इस बात का निर्णय लेगी कि किस प्रकार माननीय मुख्य न्यायधीश की खंडपीठ के आदेशों की सरेआम अवहेलना की जा रही है।

 कोर्ट के 5 अक्टूबर 2016 के संबधित आदेश की कापी संलग्न है।
 
मुख्य संवाददाता,
नई दिल्ली।

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